कर चले हम फिदा जान वतन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों (दोनों पंक्ति को 3 बार दोहराएं)
.......................म्यूजिक.........................
सांस थमती गई नभ्स जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को ना रूकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं
सर हिमालय का हमने ना झुकने दिया
मरते - मरते रहा बागपन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फिदा जान वतन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
.......................म्यूजिक.........................
जिंदा रहने के मौसम बहुत है मगर
जान देने की रूत रोज आती नहीं
हुश्न और इश्क दोनों को रूसवा करे
ओ जवानी जो खुं में नहाती नहीं
आज धरती बनी है दुल्हन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फिदा जान वतन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
.......................म्यूजिक.........................
राह कुर्बानियों की ना बिरान हो
तुम सजाके ही रहना नये काफिले
फते का जश्न इस जश्न के बाद है
जिदंगी मौत से मिल रही है गले
बांधलो अपने सर से कफन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फिदा जान वतन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
.......................म्यूजिक.........................
खिंच दो अपने खुं से जमीन पर लकीर
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छुने पाये ना सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्ही लक्ष्मण साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फिदा जान वतन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों -3
--------------the end-------------
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