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Thursday, 30 March 2023

मेरे घर राम आयें है // Mere Ghar Ram Aaye Hain

 








मेरे चौखठ पे चलके आज चारों धाम आयें है

बजाओं ढ़ोल स्वागत में मेरे घर राम आयें है

कथा सबरी की जैसे जुड़ गई मेरी कहानी से

ना रोको आज धोने दो चरण आँखों के पानी से

बहुत खुश है मेरे आँसु के प्रभु के काम आयें है

बजाओं ढ़ोल स्वागत में मेरे घर राम आयें है


तुमको पाके क्या पाया है श्रृष्टि के कण-कण से पुछो

तुमको खोने का दुख क्या है कौशल्या के मन से पुछो

द्वार मेरे ये अभागे आज इनके भाग जागे 

बड़ी लम्बी इंतजारी हुई रघुवर तुम्हारी तब आई है सवारी

संदेशे आज खुशियों के हमारे नाम आयें है

बजाओं ढ़ोल स्वागत में मेरे घर राम आयें है

दर्शन पाके हे आवतारी 

धन्य हुवे है नैन पुजारी

जीवन नईया तुने तारी

मंगल भवनऽ अमंगल हारी-2

निर्धन का तुम धन है राघव

तुम्ही रामायण हो राघव

सब दुख हरना अवध बिहारी

मंगल भवनऽ अमंगल हारी-2

चरण की धूल लेलु मैं मेरे भगवान आयें है

बजाओं ढ़ोल स्वागत में मेरे घर राम आयें है

मेरे चौखठ पे चलके आज चारों धाम आयें है

बजाओं ढ़ोल स्वागत में मेरे घर राम आयें है

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