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Sunday, 14 May 2023

ना कजरे की धार // Na Kajare Ki Dhar

 








ना कजरे की धार, ना मोतियों की हार

ना कोई किया सिंगार, फिर भी कितनी सुन्दर हो

तुम कितनी सुन्दर हो

ना कजरे की धार, ना मोतियों की हार

ना कोई किया सिंगार, फिर भी कितनी सुन्दर हो

तुम कितनी सुन्दर हो

मन में प्यार भरा, और तन में प्यार भरा

जीवन में प्यार भरा, तुम तो मेरे प्रियवर हो

तुम्ही तो मेरे प्रियवर हो


सिंगार तेरा योबन, योबन ही तेरा गहना-2

तु ताजगी फूलों की, क्या सादगी का कहना

उड़े खुश्बू, जब चले तू-2 बोले तो बजे सीतार

ना कजरे की धार, ना मोतियों की हार

ना कोई किया सिंगार, फिर भी कितनी सुन्दर हो

तुम कितनी सुन्दर हो


सारी दुनियां हरजाई, तेरे प्यार में है सचाई-2

इसलिए छोड़ के दुनियां, तेरी ओर खिची चली आई

ये पत्थर, तुने छुकर-2 सोना कर दिया खराब

मन में प्यार भरा, और तन में प्यार भरा

जीवन में प्यार भरा, तुम तो मेरे प्रियवर हो

तुम्ही तो मेरे प्रियवर हो


तेरा अंग सच्चा सोना, मुस्कान सच्चे मोति-2

तेरी ओठ है मधुशाला, तु रूप की है ज्योति

तेरी सुरत, जैसे मुरत-2 मैं देखु बार-बार

ना कजरे की धार, ना मोतियों की हार

ना कोई किया सिंगार, फिर भी कितनी सुन्दर हो

तुम कितनी सुन्दर हो

मन में प्यार भरा, और तन में प्यार भरा

जीवन में प्यार भरा, तुम तो मेरे प्रियवर हो

तुम्ही तो मेरे प्रियवर हो

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