> ROJ KA GEET: June 2023

Tuesday, 20 June 2023

Ho Rabba Koi To Batayen // हो रब्बा कोई तो बताएं

 








हो रब्बा............... हो

हो रब्बा कोई तो बताएं.....

हो रब्बा कोई तो बताएं प्यार होता है क्या

रब्बा कोई तो बताएं प्यार होता है क्या

जैसा मुझे हो गया हो..................

जैसा मुझे हो गया सबको होता है क्या

जैसा मुझे हो गया सबको होता है क्या

हो रब्बा कोई तो बताएं प्यार होता है क्या

जैसा मुझे हो गया.....हो...................

जैसा मुझे हो गया सबको होता है क्या-2

हो रब्बा............... हा

...................म्यूजिक......................

ये कौन आया लगे मन भाया

जिंदगी के पास मुझे कौन ले आया

हो..... ये कौन आया लगे मन भाया

जिंदगी के पास मुझे कौन ले आया

हो रब्बा कोई तो बताएं.....

हो रब्बा कोई तो बताएं चैन होता है क्या

जैसा मेरा खो गया सबका खोता है क्या-2

हो रब्बा............... हा

.....................म्यूजिक......................

ख्यालों के बाहों में मैं जब खड़ी थी

तभी एक गुल में आवाज दी थी

कली सी महकने लगी तु क्यों गोरी-2

छलकने लगी क्यों ये पागल भोरी

फूल पूछता रहा मैं सोचती रही

रात ढलती रही मैं सोचती रही

हो रब्बा कोई तो बताएं.....

हो रब्बा कोई तो बताएं रूप होता है क्या

जैसा मेरा खिल गया सबका खिलता है क्या

हो रब्बा............... हा

.......................म्यूजिक...................

हम तो ऊँच्चे गगन में उड़ने लगे....

हम तो ऊँच्चे गगन में उड़ने लगे

एक दूजे से जैसे जुड़ने लगे

हो एक दूजे से जैसे जुड़ने लगे- जुड़ने लगे

हो रब्बा कोई तो बताएं.....

हो रब्बा कोई तो बताएं मित होता है क्या

जैसा मुझे मिल गया सबको मिलता है क्या

जैसा मुझे मिल गया सबको मिलता है क्या

हो रब्बा............... हो

---------------the end-----------------

Friday, 2 June 2023

Daroga Ji Ho // दरोगा जी हो


 







सोची-सोची जिया हमरो ऽ ऽ

आरे सोची-सोची जिया हमरो काहे घबडाता दरोगा जी हो ऽ ऽ

चार दिन से पियावा बा ना पाता

दरोगा जी हो... चार दिन से पियावा बा ना पाता

सोची-सोची जिया हमरो-2 काहे घबडाता दरोगा जी हो

चार दिन से पियावा बा ना पाता

दरोगा जी हो... चार दिन से पियावा बा ना पाता-2

................................म्यूजिक.............................








शहर में खोजनी बजरिया-बजरिया

कतही बलम जी ना आवेले नजरिया (दोनों पंक्ति को दोहराएं)

कतनो लगावतानी-2 लागत नईखे पाता

दरोगा जी हो... चार दिन से पियावा बा ना पाता-2

................................म्यूजिक............................

लिखी ना रिपोर्ट रउआ सोची विचारी

अपना बलम जी के कईसे विसारी (दोनों पंक्ति को दोहराएं)

उनके खातिर रोवे नन्हका-2 आ खाना नाही खाता

दरोगा जी हो... चार दिन से पियावा बा ना पाता-2

...............................म्यूजिक..............................

पियावा लगन कहां गईले भुलाई

बिरहा के आग हम कइसे बुझाई (दोनों पंक्ति को दोहराएं)

लागता की सईया हमार-2 गईले कलकत्ता

दरोगा जी हो... चार दिन से पियावा बा ना पाता-2

सोची-सोची जिया हमरो-2 काहे घबडाता दरोगा जी हो

चार दिन से पियावा बा ना पाता

दरोगा जी हो... चार दिन से पियावा बा ना पाता-2

-----------------the end--------------------------