मैं अपनी जिन्दगी भी तुझेपे जो लुटाउंगा-2
तेरे एहसानो का बदला चुका ना पाउंगा
मैं अपनी जिन्दगी भी तुझे पे जो लुटाउंगा
तेरे एहसानो का बदला चुका ना पाउंगा
अधूरी ख्वाब के जैसी थी हर खुशी अपनी
ढली थी असको के रंगों में हर हंसी अपनी
किसे सुनाते भला जाके बेबसी अपनी
मैं तेरे पूजा में जो उम्र भी बिताउंगा-2
तेरे एहसानो का बदला चुका ना पाउंगा
मेरे जिगर का ही टुकड़ा है ए भाई मेरा
चमकते चाँद की जैसा है ए मुखड़ा तेेरा
हमारे आस-पास अब नहीं है अंधेरा
गगन से तारे भी जो तोड़ के मैं लाउंगा-2
तेरे एहसानो का बदला चुका ना पाउंगा
मैं अपने प्यार के साये में तुझको पालुंगा
मेरी निगाहों का साया भी तुझपे डालुंगा
गमों की धूप से तुझको सदा संभालुंगा
जो फर्ज माता-पिता का भी मैं निभाउंगा-2
तेरे एहसानो का बदला चुका ना पाउंगा
मैं अपनी जिन्दगी भी तुझेपे जो लुटाउंगा
तेरे एहसानो का बदला चुका ना पाउंगा
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