> ROJ KA GEET: Chal Re Kavariya Shiv Ke Dham / चल रे काँवरिया शिव के धाम

Tuesday, 26 July 2022

Chal Re Kavariya Shiv Ke Dham / चल रे काँवरिया शिव के धाम









हू...हू...हू..हू...-हू...हू...हू..हू...-हू...हू...हू..हू...-हू...हू...हू..हू... (साथी)

ओ..........म नमः शिवाय...- ओ..........म नमः शिवाय..-2 (साथी)

.....................................म्यूजिक..................................

बोल बम - बोल बम - बोल बम बोल

तेरा कुछ ना लगेगा मोल (दोनों पंक्ति दोहराएं)

हो..........हो............हो..........हो.............हो................हो..............

चाहे छाये हो बादल काले - चाहे पावों में पड़ जाये छाले -3

चल रे काँवरिया शिव के धाम -2

चाहे आग गगन से बरसे - चाहे पानी को मन तरसे -2

चल रे काँवरिया शिव के धाम -4

बोल बम - बोल बम - बोल बम बोल

तेरा कुछ ना लगेगा मोल (दोनों पंक्ति दोहराएं)

.....................................म्यूजिक..................................

काँवर कांधे धरके बना तु शिव नाम का जोगी

मन में रख भरोसा तुझपे शिव की करूणा होगी (शिव की करूणा होगी/साथी)

काँवर कांधे धरके बना तु शिव नाम का जोगी

मन में रख भरोसा तुझपे शिव की करूणा होगी (शिव की करूणा होगी/साथी) -2

काँवर साधना है न्यारी - काँवर शिव को बहुत प्यारी -2

चल रे काँवरिया शिव के धाम -4

बोल बम - बोल बम - बोल बम बोल

तेरा कुछ ना लगेगा मोल (दोनों पंक्ति दोहराएं)

.....................................म्यूजिक..................................

ओ..........म नमः शिवाय...- ओ..........म नमः शिवाय..-2 (साथी)

काँवर के इस तपसे तुने ऐसा पारस होना

मिट्टी को तेरा हाथ लगे तो वह भी बन जाए सोना (वह भी बन जाए सोना/साथी)

काँवर के इस तपसे तुने ऐसा पारस होना

मिट्टी को तेरा हाथ लगे तो वह भी बन जाए सोना (वह भी बन जाए सोना/साथी) -2

आगे बढ़ता जा तु प्यारे - बाबा तेरे बाट निहारे -2

चल रे काँवरिया शिव के धाम -4

बोल बम - बोल बम - बोल बम बोल

तेरा कुछ ना लगेगा मोल (दोनों पंक्ति दोहराएं)

.....................................म्यूजिक..................................

गंगा जी का पावन जल जो शिव को अर्पण करता

अश्वमेघ के यज्ञ बराबर उसको फल है मिलता (उसको फल है मिलता/साथी)

गंगा जी का पावन जल जो शिव को अर्पण करता

अश्वमेघ के यज्ञ बराबर उसको फल है मिलता (उसको फल है मिलता/साथी) -2

शिव है तीन लोक का दाता - शिव है सिरजन हार विधाता -2

चल रे काँवरिया शिव के धाम -4

चाहे आग गगन से बरसे - चाहे पानी को मन तरसे -2

चल रे काँवरिया शिव के धाम -4

चल रे काँवरिया शिव के धाम -2

चल रे काँवरिया......आ......... शिव के धाम (चल रे काँवरिया शिव के धाम/साथी) -2

-------------------------the end------------------------------------------------------


No comments:

Post a Comment