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Sunday, 30 October 2022

याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है - आती है / Yad Tumari Jab Jab Aati Hai









 माँ............................ओ................माँ.........2

माँ............................ओ................माँ.........2

पास बुलाती है, कितना रूलाती है-2

याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है - आती है (दोनों पंक्ति को दोहराएं)


जिनके सर पे ममता की दुआएं हैं

किस्मत वाले वो है जिनकी मांएं हैं (दोनों पंक्ति को दोहराएं)

जिश्म तो होता है, पर जान नहीं होती

उनसे पुछे जिनकी, माँ नहीं होती

लोरी सुनाती है, छुपके सुलाती है-2

याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है - आती है


आजा सीने से तुझको लगा लँू मैं

चीर के दिल को धड़कन में छुपा लूँ मैं (दोनों पंक्ति को दोहराएं)

सावन बन-बन के, मेरी आँखें बरसी हैं

तेरे लिए कितना, ये पल-पल तरसी हैं

कितना सताती है, जां ले जाती है-2

याद तुम्हारी जब-जब मुझको आती है - आती है

------------------the end-----------------------

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