> ROJ KA GEET: दिल है कि मानता नहीं / Dil hai ki manta nahin

Friday, 25 November 2022

दिल है कि मानता नहीं / Dil hai ki manta nahin

 








दिल है कि मानता नहीं-दिल है कि मानता नहीं

मुश्किल बड़ी है रश्में मोहब्ब्त, ये जानता ही नहीं

हो.. दिल है कि मानता नहीं-दिल है कि मानता नहीं

ये बेकारारी क्यों हो रही है, ये जानता ही नहीं

हो.. दिल है कि मानता नहीं-दिल है कि मानता नहीं


दिल तो ये चाहे, हर पल तुम्हे हम, बस यूही देखा करे

मरके भी हम ना, तुमसे जुदा हो, आओ कुछ ऐसा करे

मुझमें समा जा, आ पास आजा, हमदम मेरे हमनशी

दिल है कि मानता नहीं-दिल है कि मानता नहीं


हम तो मोहब्बत, करके तुमसे, हमको है बस इतनी खबर

तन्हा हमारा, मुश्किल था जीना, तुम जो ना मिलते अगर

बेताब साँसे, बेचैन आँखें, कहेने लगी बस यहीं

दिल है कि मानता नहीं-दिल है कि मानता नहीं

ये बेकारारी क्यों हो रही है, ये जानता ही नहीं

हो.. दिल है कि मानता नहीं-दिल है कि मानता नहीं

--------------------the end-------------------------



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