मन सपना के महल बनावे-2
दुनिया ढेला चलावे
जिनिगिया के खेला समझ में ना आवे-2
जब-जब दिन बिगड़े पर होला केहु रोकना पावे-2
जाने काली खाल किस्मत में-2 इना पता चल पावे
जिनिगिया के खेला समझ में ना आवे-2
समये हँसावे समये रूवावे समय ही नाच नाचवे-2
जानबुझ के ना कोई माली-2 आपन बगीया के जरावे
जिनिगिया के खेला समझ में ना आवे-2
बनले के साथी सब केहु होला बिगड़े पे मुँह घुमावे हाय
बनले के साथी सब केहु होला बिगड़े पे मुँह घुमावे
सूरज के डुबते परछाई भी-2 आपन साथ छोड़ावे
जिनिगिया के खेला समझ में ना आवे-2
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