क्या करते थे साजना, तुम हम से दुर रहके
हम तो जुदाई में अकेले...छुप-छुपके रोया करते थे
हो...हो.. छुप-छुपके रोया करते थे
क्या बतलाएं जानेजा, हम तुम से दुर रहके
अकसर दुआओं में खुदा से....तुमको ही मांगा करते थे
हो...हो.. तुमको ही मांगा करते थे
जो पुछती थी सखियां बेचारी
ए रोग कैसा तुझको है प्यारी
चुपचाप उनका मुंह देखती थी
करती भी क्या मैं बिरहा के मारी
ओ दिल भी क्या...दिन थे सनम
मजबूर तुम लाचार हम
बस आहे भारा करते थे...
तुमको ही मांगा करते थे
हो...हो.. तुमको ही मांगा करते थे
क्या करते थे साजना, तुम हम से दुर रहके
हम तो जुदाई में अकेले...छुप-छुपके रोया करते थे
हो...हो.. छुप-छुपके रोया करते थे
माना जुदाई का मौसम बुरा था
उसका भी लेकिन अपना मजा था
थोड़ा तड़पना थोड़ा सिसकना
सच पुछिएं तो अच्छा लगा था
क्या चिज है ये प्यार भी
सुख में हंसी दुख में हंसी
ना पुछो की क्या करते थे...
तुमको ही मांगा करते थे
हो...हो.. तुमको ही मांगा करते थे
क्या करते थे साजना, तुम हम से दुर रहके
हम तो जुदाई में अकेले...छुप-छुपके रोया करते थे
हो...हो.. छुप-छुपके रोया करते थे
क्या बतलाएं जानेजा, हम तुम से दुर रहके
अकसर दुआओं में खुदा से....तुमको ही मांगा करते थे
हो...हो.. छुप-छुपके रोया करते थे
हो...हो.. तुमको ही मांगा करते थे
हो...हो.. छुप-छुपके रोया करते थे
हो...हो.. तुमको ही मांगा करते थे
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