> ROJ KA GEET: धरती गगन में होती है / Dharati Gagan Mein Hoti Hai

Saturday, 24 September 2022

धरती गगन में होती है / Dharati Gagan Mein Hoti Hai

 








जय-जय शेरावाली माँ

जय-जय मेहरावाली माँ

जय-जय ज्योतावाली माँ

जय-जय लाटावाली माँ


जयकारा शेरावाली दा

बोल सचे दरबार की जय


धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार हो मईया

ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार 

दुनिया तेरा नाम जापे हो-दुनिया तेरा नाम जपे तुझको पुजे संसार

हो मईया धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार


सरस्वती महालक्ष्मी काली तीनों की तू प्यारी

गुफा के अन्दर तेरा मंदिर तेरी महिमा न्यारी

शिव की जटा से निकली गंगा आई ,शरण तिहारी

आदि शक्ति आदि भवानी तेरी शेर सवारी

हे अम्बे हे माँ जगदम्बे करना तू इतना उपकार

आये हैं तेरे चरणों में देना हमको प्यार

धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार हो मईया

ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार 


ब्रह्मा विष्णु महेश भी तेरे आगे शीश झुकायें

सूरज चाँद सितारे तुझेसे उजियारा ले जायें

देव लोक के देव भी मईया तेरे ही गुण गायें

मानव करे जो तेरी भक्ति भवसागर तर जायें

हे अम्बे हे माँ जगदम्बे करना तू इतना उपकार

आये हैं तेरे चरणों में देना हमको प्यार

हो मईया धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार

हो मईया ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार 

दुनिया तेरा नाम जापे हो-दुनिया तेरा नाम जपे तुझको पुजे संसार

हो मईया धरती गगन में होती है तेरी जय जयकार 

हो मईया ऊँचे भवन में होती है तेरी जय जयकार

हो.......हो............हो.............हो............हो...........2

--------------------the end-------------------------

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