चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसा बाल
एक तूही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
जिस रस्ते से तु गुजरे वह फूलों से भर जाए
तेरे पैर की कोमल आहट सोते भाग जगाए
जो पत्थर छुले गोरी तु ओही राह बन जाए
तु जिसको मिल जाए ओ हो जाए मालामाल
एक तूही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
जो बेरंग हो उस पर क्या-क्या रंग जमाते लोग
तु नदान ना जाने कैसे रूप चुराते लोग
नजरे भर-भर देखें तुझे आते जाते लोग
छैल छबिली रानी थोड़ा घुंघट और निकाल
एक तूही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
घनक घटा कलिया और तारे सब है तेरा रूप
गजले हो गीत हो मेरे सब में तेरा रूप
यूहीं चमकती रहे हमेशा तेरे हुश्न के धूप
तुझे नजर ना लगे किसी की जीए हजारों साल
एक तूही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसा बाल
एक तूही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
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