> ROJ KA GEET: माटी को माँ कहते है / Mati Ko Maa Kahate hai

Sunday, 22 January 2023

माटी को माँ कहते है / Mati Ko Maa Kahate hai

 









अम्बर तले जग रहे हम तेरे, आँचल तले रहते है

दुनिया में हम ही अकेले है जो, माटी को माँ कहते है

माटी को माँ कहते है


जागे तेरे लिए सारी उमर, तुही आना सुलाने हमे

सर तेरा ऊँचा रहे ऐ वतन, कोई जाने ना जाने हमे

कोई जाने ना जाने हमे

हो खुश्बू के जैसे हवाओं में हम, गुमनाम से बहते है

दुनिया में हम ही अकेले है जो, माटी को माँ कहते है

माटी को माँ कहते है


शायरी - 

ए माँ भरोसा रखना अपने संतानों पर

हम तिरंगा गाड देंगे आसमानों पर

दुश्मनों सुनलों हमे झुकना नहीं आता

तुम्हारी गोलिया कम है हमारी छातिया ज्यादा

हमारे नाम पर ढोलक बजेगी दो जहानों में

मरेंगे यु कि हम जिंदा रहेंगे दस्तानों में

हिन्दुस्तां को नाज होगा हम दीवानों पर

हम तिरंगा गाड देंगे आसमानों पर


जिस्मों पे वरदी ना कांधे सितारे-2

ना झण्ड़े झुकेंगे जिगर पे हमार

पर जाने सारी की जब बात होगी आगे मिलेंगे कतारों हम

तो क्या जमी पे रहे ना रहे मुस्कुराएंगे तारों में हम

मुस्कुराएंगे तारों में हम

ओ बाग हँसता रहे हम जिसे हिन्दुस्तां कहते है

दुनिया में हम ही अकेले है जो, माटी को माँ कहते है

माटी को माँ कहते है

माटी को माँ कहते है - आ माटी को माँ कहते है-2

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